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गौतम गंभीर अच्छे कोच, पर खेलना खिलाड़ियों को — पूर्व CSK स्टार का शादाब जकाती बयान

शादाब जकाती बयान

शादाब जकाती बयान: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत की करारी हार ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—खासकर भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोर बल्लेबाजी और टीम की रणनीति को लेकर। इस बीच पूर्व CSK स्टार शादाब जकाती ने ABP Live से खास बातचीत में टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का समर्थन किया है। शादाब जकाती बयान के अनुसार, “कोच ग्राउंड पर जाकर नहीं खेल सकता, उसका काम खिलाड़ियों को तैयार करना और मोटिवेट करना है।”

भारत की टेस्ट बल्लेबाजी की गिरती गुणवत्ता, व्हाइट बॉल क्रिकेट के अधिक प्रभाव और युवा टीम के अनुभव की कमी पर खुलकर बात करते हुए जकाती मानते हैं कि आज के बल्लेबाज पहले जैसी क्लास नहीं दिखा पा रहे। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के सामने भारतीय बल्लेबाजों का धराशायी होना उनकी नज़र में इस गिरावट का सबसे बड़ा उदाहरण है।

शादाब जकाती का मानना है कि गंभीर एक सक्षम कोच हैं, लेकिन जीत दिलाने के लिए खिलाड़ियों को मैदान पर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम फिलहाल बदलाव और संक्रमण के दौर से गुजर रही है, लेकिन आने वाले समय में सुधार देखने को मिल सकता है।

1. भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी पर बोले जकाती

शादाब जकाती ने भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के सामने कमजोर प्रदर्शन पर गंभीर चिंता जताई। उनके शादाब जकाती बयान के मुताबिक घरेलू परिस्थितियों में भारतीय टीम का स्पिन के आगे संघर्ष करना बेहद दुर्लभ है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों ने इस कमी को उजागर कर दिया।

पूरी सीरीज में 25 विकेट स्पिनरों को देना भारतीय बल्लेबाजों की तकनीकी खामियों को दर्शाता है। जकाती का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों ने स्पिन के खिलाफ पारंपरिक बल्लेबाजी कला खो दी है और टेस्ट क्रिकेट की परिस्थितियों में उनके फुटवर्क, धैर्य और डिफेंस में स्पष्ट कमी दिखती है। यही कारण टीम की हार में प्रमुख बना।

2. “आज के बल्लेबाजों में क्लास कम” – व्हाइट बॉल क्रिकेट का टेस्ट पर असर

जकाती ने माना कि आज के बल्लेबाजों में पहले जैसी तकनीकी क्लास नहीं बची है। उन्होंने शादाब जकाती बयान में कहा कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों की कला और धैर्य अब उतना नहीं दिखाई देता।

टी20 और वनडे जैसे फॉर्मेट्स पर अधिक फोकस होने की वजह से बल्लेबाज अब फ्लैट पिचों पर खेलने के आदी हो गए हैं, जहां गेंद न स्विंग करती है और न टर्न। इसके उलट टेस्ट क्रिकेट में रेड बॉल सीम, स्विंग और टर्न के साथ बल्लेबाजों को परखती है।

व्हाइट बॉल क्रिकेट की बढ़ती प्राथमिकता ने टेस्ट तकनीक पर सीधा असर डाला है, जिससे भारतीय बल्लेबाज संघर्ष कर रहे हैं।

3. “गंभीर अच्छे कोच, लेकिन खेल खिलाड़ी खेलते हैं” – जकाती ने बताई हार की असली वजह

शादाब जकाती बयान में उन्होंने साफ कहा कि गौतम गंभीर एक बेहतरीन कोच हैं, लेकिन कोच मैदान पर जाकर नहीं खेल सकता। उनका काम खिलाड़ियों को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करना है, जो वे बखूबी कर रहे हैं।

जकाती ने कहा कि हार का असली कारण खिलाड़ियों का खराब प्रदर्शन है, न कि कोचिंग स्टाफ की गलती। दोनों टेस्ट मैचों में भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग फेल रहे, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने बेहतर खेल दिखाया।

उनका मानना है कि टीम युवा है, अनुभव की कमी है और गंभीर गलतियों पर जल्द सुधार लाएंगे। भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखनी चाहिए।

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