आकाश चोपड़ा टीम इंडिया एक्सपेरिमेंट:टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज जीत तो ली, लेकिन पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि अब “एक्सपेरिमेंट” का दौर खत्म होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा है कि वर्ल्ड कप से पहले अब वक्त नहीं बचा है, इसलिए टीम को अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ उतरना चाहिए।
बल्लेबाजी क्रम से लेकर गेंदबाजों के चयन तक, भारत ने हाल के मैचों में कई बदलाव किए — कभी संजू सैमसन को ऊपर भेजा गया तो कभी शिवम दुबे या वॉशिंगटन सुंदर को नई भूमिकाएं दी गईं। लेकिन चोपड़ा का कहना है कि अब समय “प्रयोग” नहीं बल्कि “स्थिरता” का है, क्योंकि घरेलू वर्ल्ड कप में दबाव पहले से कहीं ज्यादा रहेगा।
“अब वक्त है स्थिर संयोजन का” — आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया को दी सख्त नसीहत
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने सुझाव दिया है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने के बाद भारत को अब प्रयोग बंद कर देने चाहिए। पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कई संयोजन आजमाए।
दूसरे टी20 में संजू सैमसन तो चौथे मैच में शिवम दुबे को नंबर 3 पर भेजा गया, जबकि तिलक वर्मा के साथ भी प्रयोग हुए। पहले दो मैचों में अर्शदीप सिंह को बाहर बैठाया गया और हर्षित राणा को मौका दिया गया। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर को कभी-कभी फिनिशर की भूमिका में उतारा गया, लेकिन गेंद से उनका उपयोग सीमित रहा।
यह पूरी बहस अब “आकाश चोपड़ा टीम इंडिया एक्सपेरिमेंट” पर केंद्रित हो गई है, जहां चोपड़ा साफ तौर पर कह रहे हैं कि अब प्रयोगों से ज्यादा स्थिरता पर ध्यान देने की जरूरत है।
वर्ल्ड कप से पहले सिर्फ दो सीरीज बाकी, चोपड़ा बोले — “अब और प्रयोग नहीं चलेगा”
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि टीम इंडिया ने खुद स्वीकार किया है कि वह प्रयोग के दौर में है, लेकिन अब समय खत्म हो रहा है।
उन्होंने कहा, “यह प्रयोगों का दौर रहा है। उम्मीद है अब यह खत्म होगा। टीम ने कहा था कि वे किसी को भी ऊपर या नीचे भेज सकते हैं, किसी को भी खेला या बाहर बैठा सकते हैं। अब जबकि उन्होंने यह मान लिया है, तो मानना पड़ेगा कि वे प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन वर्ल्ड कप से पहले सिर्फ 10 टी20 बचे हैं, इसलिए अब प्रयोगों को विराम देना होगा।”
घरेलू दबाव के बीच टीम इंडिया को चाहिए तय XI, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद खुली पोल
आकाश चोपड़ा टीम इंडिया एक्सपेरिमेंट पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोले कि भारत के पास अब दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दो घरेलू टी20 सीरीज हैं, और इन्हीं के दौरान टीम को अपने वर्ल्ड कप संयोजन को अंतिम रूप देना चाहिए।
उन्होंने चेताया कि घरेलू वर्ल्ड कप में भारत पर अतिरिक्त दबाव रहेगा — “घर पर वर्ल्ड कप खेलना एक फायदा भी है, लेकिन इसके साथ बड़ा दबाव भी आता है। इसलिए अब स्थिर संयोजन को आजमाने का समय है। टीम को अब उन्हीं खिलाड़ियों के साथ उतरना चाहिए जो वर्ल्ड कप प्लेइंग XI का हिस्सा बनने जा रहे हैं।”